Education

डॉक्टर कैसे बने (doctor kaise bane)

डॉक्टर बनना बहुत सारे छात्रों की ख्वाहिश होती है।  डॉक्टर का पेशा उम्मीदवारों को एक प्रतिष्ठित सामाजिक और पेशेवर जीवन का आनंद लेने देता है, जो बहुत से लोगों की सेवा करने के साथ-साथ एक आकर्षक आय भी कर सकता है। ऐसे मे अगर आप भी सोच रहे है कि  डॉक्टर कैसे बने (doctor kaise bane) हैं, तो आपको पढ़ाई के साथ-साथ डॉक्टर बनने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

 डॉक्टर क्यों बनें (how to become a doctor)

यदि आप अपने जीवन में डॉक्टर बनना चाहते है, तो जान लें कि आपकी राह कभी भी आसान नहीं होने वाली है।  आपको छोटी उम्र से ही मेहनत का काम करना चाहिए।  आपको चीजों को जल्दी से समझने में सक्षम होना चाहिए और साथ ही डॉक्टर के पेशे में उतरने के लिए कई वर्षों तक बहुत जरूरी बलिदान करना चाहिए।  साथ ही, दूसरों की मदद करने का जुनून और दूसरों के कल्याण और खुशी में सच्ची दिलचस्पी होनी चाहिए ।

ये  दो महत्वपूर्ण लक्षण हैं जो एक डॉक्टर के लिए आवश्यक हैं।  एक डॉक्टर के रूप में, आपका सफर गुलाबों के बिस्तर पर नहीं होने वाला है। पढ़ाई के दौरान और अपने पेशे के दौरान कठिन जीवन के लिए खुद को तैयार करना होगा। क्योंकि जो लोग डॉक्टर बनते हैं उनके जीवन में बहुत सारी कठिनाइयां भी आती रहती है।

आज हम बात करते हैं अगर कोई  डॉक्टर बनना चाहता है or (doctor kaise bane) पर उसे सही रास्ता पता नहीं होता है कि वो किस तरह से डॉक्टर बन सकते हैं।  डॉक्टर बनने के लिए क्या करना होगा।

चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप एक सफल डॉक्टर कैसे बन सकते हैं।

डॉक्टर बनना तो बहुत अच्छी बात होती है,लेकिन एक अच्छा डॉक्टर बनना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि डॉक्टर बनने के लिए दिन-रात पढ़ने के अलावा  काफी पैसे की भी जरूरत होती है, क्योंकि ज्यादातर लोग डॉक्टर बनना तो चाहते हैं।पढ़ाई भी करते हैं पर पैसे कीकमी के कारण डॉक्टर बन नहीं पाते हैं ।

टॉप मेडिकल कोर्सिज़

  •   एमबीबीएस
  •   बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)
  •   बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी)
  •   नर्सिंग
  •   आहार विशेषज्ञ
  •   भौतिक चिकित्सा
  •   पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम
  •   नैदानिक ​​मनोविज्ञान
  •   स्वास्थ्य निरीक्षण
  •   दवा प्रबंधन
  •   अस्पताल प्रबंधन
  •   अनुसंधान के अवसर

डॉक्टर बनने के लिए इन सभी चीजों का होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

  • माध्यमिक विद्यालय या बारहवीं  में, आपको भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान सहित विषयों का चयन करना चाहिए।
  •  जो लोग डॉक्टर बनना चाहते हैं उन्हें अंग्रेजी का ज्ञान अच्छा होना चाहिए।
  • डॉक्टर बनने के लिए उन्हें दिन रात कठिन मेहनत करना चाहिए। तभी वो सफल हो पाते हैं.
  • यदि आप सामान्य श्रेणी के माध्यम से एमबीबीएस कार्यक्रम के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको 17 वर्ष पूरे करने चाहिए, लेकिन 25 वर्ष से अधिक उम्र  नहीं होनी चाहिए।

जैसा कि हम सभी जानते हैं डॉक्टर कई प्रकार के होते हैं और उन्हें कई तरह के पढ़ाई भी करनी पड़ती है हमारे चिकित्सा प्रणाली के अनुसार डॉक्टर चार तरह के होते हैं।

 एलोपैथिक डॉक्टर : अक्सर हम देखते हैं कि अधिकतर लोग एलोपैथिक डॉक्टर के पास जाना पसंद करते हैं क्योंकि एलोपैथिक दवाई से लोगों की बीमारी जल्द से जल्द ठीक होना शुरू हो जाता है।

होम्योपैथिक डॉक्टर: होम्योपैथ डॉक्टर के पास बहुत कम लोग दिखाने के लिए जाते थे लेकिन आज के जमाने में होम्योपैथ डॉक्टर से भी बहुत लोग दिखाते हैं क्योंकि होम्योपैथिक दवाई ज्यादा दिन तक खाना पड़ता है लेकिन किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म कर देता है।

doctor kaise bane

आयुर्वेदिक डॉक्टर : आयुर्वेदिक डॉक्टर हम उसे कहते हैं जो मरीज को जड़ी बूटियों की दवाई बना कर देता है और उनकी बीमारियों को ठीक करता है। लेकिन आज के जमाने में  शायद ही कोई  आयुर्वेदिक दवाई का  इलाज करवाता होगा क्योंकि आजकल सभी लोग यही चाहते हैं कि उनका बीमारी जल्द से जल्द ठीक हो जाए इसलिए वह ज्यादातर एलोपैथिक दवाई का उपयोग करते हैं।

हकीम: आज से कुछ वर्ष पहले लोग ज्यादातर हकीम या वैध ही अपना इलाज करवाते थे। और इन सभी डॉक्टरों का पढाई भी अलग – अलग होता है लेकिन अगर आप अच्छे और सफल डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आपको किस चीज का पढ़ाई करना है उसके बारे में जानते हैं

डॉक्टर कैसे बने:  डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले 10th पास करने के बाद विद्यार्थियों को बायोलॉजी  सब्जेक्ट लेकर पढ़ना चाहिए। क्योंकि डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले 10th,11th और 12वीं कक्षा में साइंस पढ़ना काफी जरूरी होता है, क्योंकि बिना साइंस पढे  कोई भी विद्यार्थी डॉक्टर  कभी भी नहीं बन सकता है। आपको बता दें कि 11th और 12th कक्षा में फिजिक्स और बायोलॉजी विद्यार्थी को मन लगाकर पढ़ना चाहिए ताकी डॉक्टर बनने की इच्छा पूरी हो सके।

एंट्रेंस एग्जाम मैं बैठने के लिए आपको कितना परसेंट नंबर होना चाहिए

आपको बता दें कि डॉक्टर बनने के लिए एंट्रेंस एग्जाम में 11वी और 12वी कक्षा से ही प्रश्न पूछे जाते हैं इसलिए  एंट्रेंस एग्जाम पास करने के लिए 11th और 12th में अच्छे से पढ़ाई करना चाहिए। अगर आप एंट्रेंस एग्जाम में बैठना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 12th में सभी सब्जेक्ट में  60% नंबर होना काफी जरूरी है।

डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले आपको एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा इसलिए 11th में जाते ही आप को मेडिकल के लिए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। आजकल तो बहुत सारे ऐसे कोचिंग सेंटर है जहां पर मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी भी करवाई जा रही है।आप वहां जाकर भी कोचिंग कर सकते हैं क्योंकि मेडिकल के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना काफी जरूरी होता है। अगर आप चाहे तो घर से भी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी  इंटरनेट के द्वारा कर सकते हैं।

यदि आप 12वीं कक्षा अच्छे अंकों से पास करते हैं, और आप प्रवेश परीक्षा के लिए अच्छी तैयारी करते हैं, तो आप प्रवेश परीक्षा के लिए फॉर्म भी भर सकते हैं।  एंट्रेंस एग्जाम के लिए फॉर्म भरने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि 12वीं में आपके मार्क्स अच्छे हैं या नहीं, अगर आपके मार्क्स अच्छे नहीं हैं और आपने फॉर्म भर दिया है, तो आप  काउंसलिंग में खारिज कर दिया जाए।

डॉक्टर बनने के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास होने पर क्या करना पड़ता है

डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है।  अगर आप एंट्रेंस  एग्जाम पास कर लेते हैं तो आपको पढ़ने के लिए एक अच्छा कॉलेज मिल सकता है, इतना ही नहीं अगर आप अच्छे मार्क्स से पास हो जाते हैं तो आप सरकारी कॉलेज में भी पढ़ सकते हैं। जहां आपको कम फीस लगेगी और बेहतर पढ़ाई भी होगी। 

यहां आप डॉक्टर बनने के लिए अच्छे से पढ़ाई कर सकते हैं, लेकिन अगर आप प्रवेश परीक्षा पास नहीं करते हैं तो आपको एक अच्छा कॉलेज नहीं मिल सकता है।अगर आपको अच्छा कॉलेज मील जाता है तो इस कॉलेज में आपको 5 साल तक मेडिसिन की पढ़ाई करनी होगी।  उसके बाद आपको किसी निजी या सरकारी अस्पताल में 1 साल की ट्रेनिंग करनी होगी।  उसके बाद आप एक सफल डॉक्टर बन सकते हैं।

डॉक्टर बनने के लिए अनिवार्य स्किल्स कौन- कौन से है।

पढ़ाई में अच्छा होने के साथ-साथ एक डॉक्टर के पास कुछ महत्वपूर्ण कौशल भी होने चाहिए जो एक छात्र को एक बेहतर डॉक्टर बनने के लिए आवश्यक हैं।  कुछ महत्वपूर्ण कौशल नीचे सूचीबद्ध हैं।

 संचार स्किल्स

आपके करियर के हर चरण में संचार कौशल आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।  यह आपको अपने दृष्टिकोण को व्यक्त करने और दूसरे व्यक्ति की बात को समझने में मदद करता है जिसे आगे बढ़ने के लिए एक आवश्यक कौशल माना जा सकता है।  मरीजों से बात करना, उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से सुनना और स्थिति के अनुसार उनका जवाब देना इन कौशलों में आता है।

भावनात्मक बुद्धि

कई बार परिस्थितियों के अनुसार आपको अपनी भावनाओं को सामने रखकर रोगी के दृष्टिकोण को समझने की आवश्यकता होती है, जिसमें आपकी भावनाओं को महसूस करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।  तो एक डॉक्टर को भावनात्मक बुद्धि का उपयोग करना पड़ता है।

समस्या समाधान करने की कुशलताएं

चिकित्सा क्षेत्र को एक प्रकार का जासूसी कार्य माना जाता है, जिसमें छोटी-छोटी बारीकियों को जानकर आपको अंत और मुख्य समस्या तक पहुंचना होता है। इस कार्य के लिए चीजों को सुलझाने और समस्या की गहराई में जाने का आपका कौशल काम आता है, जिसे समस्या समाधान कौशल कहा जा सकता है।

विस्तार कौशल पर ध्यान देंना

एक डॉक्टर ऐसे कई पल देखता है जिसमें आपको कम समय में सटीक काम करने की जरूरत होती है। अस्पताल जैसी जगहों पर जहाँ छोटी-छोटी चीज़ों को नज़रअंदाज़ किए जाने की संभावना अधिक होती है, फिर भी आपको हर छोटी-छोटी बातों की बारीकी से और सावधानी से जाँच करने की ज़रूरत होगी। तो यह कौशल आपको छोटी-छोटी बातों पर पूरा ध्यान देने के लिए प्रेरित करता है।

निर्णय लेने का कौशल

यहाँ निर्णय लेने की कला को बहुत आवश्यक माना गया है।  एक मरीज के जीवन और भलाई की जिम्मेदारी एक डॉक्टर के हाथ में होती है और सही समय पर सही निर्णय किसी की जान बचा सकता है और उन्हें खतरे में भी डाल सकता है।  डॉक्टर में सही और तेज़ निर्णय लेने की कला या कौशल आवश्यक है।

एक डॉक्टर की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां

 डॉक्टर बनने के साथ-साथ डॉक्टर के क्षेत्र से जुड़ी अन्य शाखाओं और विशेषज्ञता का मामला भी एक साथ चर्चा में आता है।  डॉक्टर बनने के विचार के साथ-साथ एक छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान चुनने के लिए शाखा का फैसला करता है।  एक व्यक्ति को डॉक्टर तभी कहा जाता है जब उसे लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए लाइसेंस दिया जाता है, जिससे पता चलता है कि एक व्यक्ति अस्पतालों, आपातकालीन कक्षों, प्रयोगशालाओं और अन्य संस्थानों में काम करने और सेवा प्रदान करने के लिए उपयुक्त है।  डॉक्टर की बुनियादी जिम्मेदारियों की सूची निम्नलिखित है –

  • डॉक्टर की जिम्मेदारियों का पहला पहलू मरीजों की समस्याओं को सुनना और उनका विश्लेषण करना है।  इस प्रक्रिया में रोगी की समस्याओं को विस्तार से सुनना और लक्षणों की जांच करना शामिल है।
  • समस्याओं का निवारण करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर शारीरिक परीक्षण करने का तरीका जानने के लिए अनुमान और अनुभव।
  • परीक्षण और अनुभव के आधार पर रोगी की समस्या का पता लगाया जाता है और उसके आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।
  • रोगीयो की स्थिति में सुधार के लिए दवाएं और उपचार योजना का सुझाव दिया जाता है।

निष्कर्ष

दोस्तों इस लेख में आपने जाना डॉक्टर कैसे बने (doctor kaise bane)?अगर आपको  मेरे द्वारा दिए गए लेख डॉक्टर कैसे बने (doctor kaise bane)? सही लग रहा है तो आप हमारे इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते है। क्योंकि बहुत से ऐसे लोग हैं जो  डॉक्टर बनना चाहते हैं और उन्हें सही ढंग से ये पता नहीं होता है कि उन्हें डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले क्या करना चाहिए तो ऐसे लोगों के लिए यह लेख काफी महत्वपूर्ण होगा

और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button